कुछ हाथ करघेसे बने सिल्क के टुकड़े, थोडा घरपे काता और रंगा गया सूत और रंगीन रुई के ( sliver)टुकड़े,थोडा tissue जिसका कुछ हिस्सा रंगीन रुई के टुकड़ों पे चढ़ाया गया है....और हाथसे की कढ़ाई...इन सबसे यह भित्ती चित्र मैंने बनाया है.
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मंगलवार, 6 अप्रैल 2010
एक सुनहरी शाम
कुछ हाथ करघेसे बने सिल्क के टुकड़े, थोडा घरपे काता और रंगा गया सूत और रंगीन रुई के ( sliver)टुकड़े,थोडा tissue जिसका कुछ हिस्सा रंगीन रुई के टुकड़ों पे चढ़ाया गया है....और हाथसे की कढ़ाई...इन सबसे यह भित्ती चित्र मैंने बनाया है.
बुधवार, 4 नवंबर 2009
झरना ..
water fall
Backgound is emboidered & painted...startched silk leaves strewn across the foot of the water fall..water faal is a silk plait combed to get an effect of a water fall॥unfortunately the pic lacks clarity!तसवीर धुंदली निकली है...झरना सिल्क की चोटी को कंघीसे खुला किया ...तो झरने का एहसास हुआ..पहाडी परसे गिरता झरना...पत्ते जब पत झड़ मे गिरते है,तो ऐसे ही दिख पड़ते हैं ...सिल्क के छोटे पत्ते काटके लगाये हैं...काफ़ी कुछ कढाई ज़रिये बनाया है..
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2009
पसंदीदा उल्लू!
ये ५ फीट लम्बी और ३ फीट चौड़ी तस्वीर बनाई थी ...बड़ के पेडपे बैठा,"( stuff किया हुआ) उल्लू..रेशम से बने पत्ते , मकडी का जाला, नीचे उग रहे arum लिली, तथा, लेडी बर्ड ये कीडे भी...जो यहाँ पे नज़र नही आ रहे..
मंगलवार, 28 अप्रैल 2009
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बारिशों मे पहाडोंका क्या गज़ब गूढ़ आकर्षण होता है...रेशमके कपडेपे water कलर, उसके ऊपर धुंद दिखानेके लिए शिफोनका एक layer ....कुछ अन्य रंगों के तुकडे, ज़मीन, पहाड़, घान्सफूस, दिखलाते है...इन कपडों पे कढाई की गयी है....कल्पना ली गयी थे, मुम्बई-पुनेके सफरके दौरान, लोनावलाकी पहाडियों को देख...